दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
बैसाखी के पावन अवसर पर जहां एक ओर श्रद्धालु भक्ति, कीर्तन और सेवा में लीन थे, वहीं दूसरी ओर एक चौंकाने वाली घटना ने माहौल को दहशत में बदल दिया। देर रात कीरतपुर साहिब और आनंदपुर साहिब के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी। शांत और धार्मिक वातावरण में हुई इस फायरिंग ने लोगों को हिला कर रख दिया।
जालंधर से जा रही संगत बनी निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जालंधर से आनंदपुर साहिब की ओर जा रही संगत जब उक्त स्थान पर पहुंची, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गोलियों की आवाज सुनते ही श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा।
जानी नुकसान नहीं, लेकिन दहशत गहरी
गनीमत यह रही कि इस पूरी घटना में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, फायरिंग की इस वारदात ने श्रद्धालुओं के मन में गहरी दहशत पैदा कर दी है। कई लोगों ने बताया कि वे बैसाखी के मौके पर दर्शन और सेवा के लिए निकले थे, लेकिन इस घटना ने उनकी आस्था के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और घटना के पीछे के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बैसाखी जैसे बड़े धार्मिक पर्व के दौरान इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु आनंदपुर साहिब और आसपास के गुरुद्वारों में माथा टेकने पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
श्रद्धालुओं में रोष और चिंता
घटना के बाद श्रद्धालुओं में रोष और चिंता दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों और यात्राओं के दौरान इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और सरकार को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कई श्रद्धालुओं ने मांग की है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन का आश्वासन
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, आने वाले दिनों में धार्मिक स्थलों और मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, बैसाखी जैसे पवित्र पर्व के दौरान हुई यह फायरिंग की घटना जहां एक ओर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के मन में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर गई है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।