होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी चौकसी
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास निगरानी तेज कर दी है। भारतीय नौसेना ने एहतियात के तौर पर अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात किए हैं, ताकि भारतीय तेल और एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
आधे दर्जन से अधिक युद्धपोत तैनात
सूत्रों के अनुसार, नौसेना ने इस संवेदनशील क्षेत्र में आधा दर्जन से ज्यादा युद्धपोत और रसद जहाज भेजे हैं। पहले जहां मिशन आधारित तैनाती के तहत 1 से 3 जहाज ही रहते थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर सुरक्षा कवच मजबूत किया गया है।
भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर फोकस
इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। नौसेना जहाज खतरनाक समुद्री इलाकों में एस्कॉर्ट कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचाव किया जा सके।
कई जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित
नौसेना की निगरानी में आईएनएस शिवालिक, आईएनएस सुनयना और जग लाडकी जैसे जहाज सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा, एलपीजी टैंकरों की आवाजाही भी सुरक्षित तरीके से कराई जा रही है।
22 से अधिक भारतीय जहाजों पर नजर
फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में 22 से ज्यादा भारतीय जहाज मौजूद हैं। नौसेना इन सभी पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर एस्कॉर्ट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत जारी अभियान
यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन संकल्प के तहत की जा रही है, जिसे 2019 में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया था। मौजूदा हालात को देखते हुए इस ऑपरेशन को और सक्रिय कर दिया गया है।
कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास जारी
सुरक्षा उपायों के साथ-साथ भारत सरकार ईरान सहित क्षेत्र के अन्य देशों से लगातार संपर्क में है, ताकि समुद्री मार्गों पर तनाव कम हो और भारतीय जहाजों की आवाजाही बिना बाधा जारी रह सके।