संसद परिसर में Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra ने केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari से मुलाकात कर परिवहन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक खासतौर पर राजस्थान में बसों की सुरक्षा, बस बॉडी निर्माण और नियमों के पालन को लेकर केंद्रित रही।
स्लीपर बस हादसों के बाद सख्त नियमों पर मंथन
हाल के दिनों में स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं के बाद सरकार ने नए सेफ्टी नियम लागू किए हैं। इसी मुद्दे को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी ने गडकरी से बातचीत की। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।
बस बॉडी निर्माण में खामियों पर उठे सवाल
बैठक के दौरान गडकरी ने बताया कि कई बस निर्माता सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बसों की डिजाइन ऐसी होती है कि आग लगने की स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने के रास्ते बेहद सीमित हो जाते हैं। खासकर एसी फिटिंग और ऊपरी ढांचे को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं।
व्यापारियों की समस्याएं भी पहुंचीं केंद्र तक
राजस्थान के बस बॉडी बिल्डर्स और ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्यापारियों ने नई नीतियों से जुड़ी परेशानियां राहुल गांधी के सामने रखीं। इसके बाद राहुल गांधी प्रतिनिधिमंडल को साथ लेकर गडकरी से मिले, ताकि इन समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
NHAI परियोजनाएं और RTO प्रक्रिया भी चर्चा में
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और राजस्थान में RTO के तहत बस रजिस्ट्रेशन की जटिल प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग उठाई।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लगने वाले समय और अधिक खर्च को लेकर भी चिंता जताई गई। गडकरी ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
सरकार का आश्वासन: सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
गडकरी ने स्पष्ट कहा कि बस सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने यह भी माना कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
पहले भी मांगा था समय, अब हुई मुलाकात
गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र के दौरान भी प्रियंका गांधी ने गडकरी से मिलने का समय मांगा था। अब जाकर यह अहम बैठक संभव हो पाई, जिसमें परिवहन क्षेत्र की कई समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई।