दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
शहर के एक किराना व्यापारी को सस्ते दाम पर किराना सामान उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 10 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को थोक सप्लायर बताकर व्यापारी का विश्वास जीता और अलग-अलग किश्तों में रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। जब सामान नहीं पहुंचा और संपर्क टूट गया तो व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। मामले की शिकायत पुलिस के साइबर सेल में दी गई है।
सस्ते दाम का लालच देकर बनाया शिकार
जानकारी के अनुसार पीड़ित व्यापारी से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सागर ठाकुर बताया। उसने दावा किया कि वह थोक दरों पर किराना सामान उपलब्ध कराता है और बाजार से काफी कम कीमत पर माल दे सकता है। सस्ते रेट सुनकर व्यापारी उसके झांसे में आ गया और ऑर्डर देने के लिए तैयार हो गया।
कई किश्तों में ट्रांसफर करवाई रकम
आरोपी ने पहले एडवांस भुगतान की मांग की और भरोसा दिलाया कि रकम मिलते ही माल भेज दिया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग बहानों से व्यापारी से कई बार ऑनलाइन भुगतान कराया गया। इस तरह आरोपी ने कुल 10 लाख रुपये अपने बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
सामान नहीं पहुंचा तो हुआ शक
रकम भेजने के बाद भी कई दिनों तक व्यापारी को कोई सामान नहीं मिला। जब उसने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो पहले बहाने बनाए गए और बाद में फोन बंद कर दिया गया। इसके बाद सभी संपर्क माध्यम भी बंद हो गए, जिससे व्यापारी को एहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो चुकी है।
साइबर सेल ने शुरू की जांच
पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस के साइबर क्राइम सेल में दर्ज करवाई है। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी के कहने पर बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने से पहले उसकी पूरी जांच करें। केवल फोन या सोशल मीडिया पर मिले ऑफर पर भरोसा न करें और भुगतान से पहले कंपनी का पता, जीएसटी नंबर तथा अन्य दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें।
ऑनलाइन सौदों में बरतें सावधानी
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बाजार से बहुत कम कीमत पर सामान देने का दावा करता है, तो पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।