विदेश से रची गई साजिश, लोकल नेटवर्क के जरिए दिया गया अंजाम; कई आरोपी अब भी फरार
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
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जालंधर के रायपुर रसूलपुर गांव में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक यह घटना कोई अकेली वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संगठित और सीमा पार से संचालित एक बड़ा आपराधिक-आतंकी तंत्र सक्रिय था।
चार्जशीट में साफ किया गया है कि इस हमले की साजिश भारत से बाहर बैठकर रची गई, जबकि इसे अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार किया गया था। एजेंसी का कहना है कि हमले के लिए आधुनिक तकनीक और गुप्त संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे साजिशकर्ताओं तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा।
लोकल सपोर्ट सिस्टम बना हमले की रीढ़, युवाओं को जोड़कर तैयार किया नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क ने पंजाब में अपने पैर जमाने के लिए स्थानीय युवाओं को अपने साथ जोड़ा। उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट, हथियारों की सप्लाई और ठिकाने उपलब्ध कराने जैसे काम सौंपे गए थे।
एजेंसी के अनुसार, हमले को सफल बनाने के लिए पहले से रेकी की गई थी और हर आरोपी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। इससे यह संकेत मिलता है कि पूरा ऑपरेशन सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
राज्य से केंद्र तक पहुंची जांच, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
शुरुआती जांच पंजाब पुलिस द्वारा किए जाने के बाद जब मामले की गंभीरता बढ़ी, तो इसे NIA को सौंप दिया गया। जांच अपने हाथ में लेने के बाद एजेंसी ने तकनीकी और मानव खुफिया दोनों स्तरों पर काम करते हुए नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ी हुई हैं। इसी को देखते हुए अब ऐसे नेटवर्क्स को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई तेज की जा रही है।
फिलहाल, फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित कनेक्शनों को भी खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।