SIR अभियान के पहले चरण के बाद सामने आई बड़ी तस्वीर
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
चंडीगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- SIR) का पहला चरण पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हजारों ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिन्होंने निर्धारित समय में अपने सत्यापन फॉर्म जमा नहीं किए या फिर उनके रिकॉर्ड में कई तरह की विसंगतियां मिली हैं। इसी कारण प्रारंभिक ड्राफ्ट मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम बाहर हो सकते हैं।
66 हजार से अधिक नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची से बाहर
चुनाव विभाग के अनुसार कुल 66,146 मतदाताओं के नाम पहले ड्राफ्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो वर्षों पहले चंडीगढ़ छोड़कर दूसरे शहरों या राज्यों में बस चुके हैं। इसके अलावा कुछ मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले, कुछ की मृत्यु हो चुकी थी और कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज पाया गया। इन सभी मामलों का रिकॉर्ड जांच के बाद तैयार किया गया है।
43 हजार से ज्यादा लोग शहर छोड़ चुके, हजारों रिकॉर्ड में गड़बड़ी
जांच के दौरान पता चला कि लगभग 43,724 मतदाता स्थायी रूप से चंडीगढ़ छोड़ चुके हैं। वहीं करीब 12,500 मतदाता कई बार टीम के घर पहुंचने के बावजूद नहीं मिले। इसके अलावा लगभग 3,500 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई, जबकि 2,590 नाम डुप्लीकेट पाए गए। अन्य कुछ मामले भी सत्यापन में सामने आए, जिन्हें अलग श्रेणी में रखा गया है। चुनाव विभाग का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
21 जुलाई को आएगी पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
अब चुनाव आयोग 21 जुलाई को मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट जारी करेगा। इस सूची में लगभग 4,50,324 मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। जबकि वर्तमान में चंडीगढ़ में कुल 5,16,470 मतदाता दर्ज हैं। यानी हजारों मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची से बाहर रहेंगे, जब तक उनका सत्यापन पूरा नहीं हो जाता।
नाम छूट गया तो घबराने की जरूरत नहीं
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं आता है तो उसे अपना अधिकार खोना नहीं पड़ेगा। ऐसे मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और सत्यापन के बाद योग्य पाए जाने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर दिया जाएगा।
20 अगस्त तक मिलेगा दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका
मतदाता सूची जारी होने के बाद 20 अगस्त तक दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। जिन लोगों का नाम सूची से बाहर रह जाएगा, वे फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभाग सभी दावों की जांच करेगा और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
69 हजार से ज्यादा मामलों में रिकॉर्ड का मिलान बाकी
चुनाव विभाग के सामने एक और बड़ी चुनौती 69,451 ऐसे मतदाताओं की है, जिन्होंने अपने फॉर्म तो जमा कर दिए हैं, लेकिन उनका पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया है। ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस भेजकर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएंगे। रिकॉर्ड पूरी तरह सही पाए जाने के बाद ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।
बिना सुनवाई किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा
चुनाव अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया और सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच होगी और संबंधित अधिकारी दस्तावेजों के आधार पर आदेश जारी करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।
मतदाताओं के लिए क्या है सबसे जरूरी सलाह
यदि आपने सत्यापन फॉर्म जमा किया है, तब भी यह सुनिश्चित कर लें कि आपके दस्तावेज और रिकॉर्ड सही हैं। वहीं जिन लोगों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है या जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता, वे समय रहते दावा दाखिल करें। चुनाव विभाग का कहना है कि समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।