बारिश थमते ही गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय धूप के साथ नमी बढ़ने से तापमान का असर अधिक महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिससे लोगों को गर्म मौसम से राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि अगले कुछ दिनों में मौसम दोबारा करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं।
इन जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, बरनाला और मानसा में गर्मी और उमस को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में दिनभर चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
16 जिलों में हल्की बारिश के आसार
भले ही पूरे राज्य में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन कई जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली) सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में बादल छाने और छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। इससे स्थानीय स्तर पर तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
मानसून क्यों हुआ धीमा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून को सक्रिय करने वाले प्रमुख मौसमीय सिस्टम फिलहाल पंजाब के पक्ष में नहीं हैं। मानसून की सक्रिय रेखा उत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, लेकिन उसे मजबूत करने वाले अनुकूल दबाव क्षेत्र और अन्य मौसमीय परिस्थितियां फिलहाल विकसित नहीं हुई हैं। इसी कारण राज्य में बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ गया है।
19 जुलाई के बाद बदल सकते हैं हालात
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से पंजाब में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कई जिलों में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम अपेक्षा के अनुसार सक्रिय हुआ तो लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
तापमान सामान्य से ऊपर, फरीदकोट सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण दिन के समय खुले स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिल रही है।
भाखड़ा और पोंग बांधों का जलस्तर अभी सुरक्षित
बारिश कम होने का असर बांधों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। भाखड़ा और पोंग बांध दोनों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। दोनों बांधों में पानी की आवक और निकासी लगातार जारी है, जिससे जल प्रबंधन सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो जलस्तर में सुधार देखने को मिल सकता है।
उमस बढ़ने से बिजली की मांग में उछाल
गर्मी और नमी बढ़ने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे पंजाब में बिजली की मांग भी तेज हो गई है। मांग और उत्पादन के बीच अंतर को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बिजली ग्रिड से ली जा रही है। फिलहाल बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय धूप में लंबे समय तक रहने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बुजुर्गों तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां तेज हवा और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह भी दी गई है।