दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
चंडीगढ़। पंजाब कैबिनेट की बैठक में शिक्षा, पर्यावरण, रोजगार और प्रशासन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण के लिए नया विधायी प्रावधान लाने का फैसला किया है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने, आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत देने और राज्य में तीन डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
निजी स्कूलों की फीस पर रहेगा नियंत्रण
सरकार ने फीस रेगुलेशन संशोधन बिल-2026 को मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार निजी स्कूल सालाना फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी कर सकेंगे। फीस की निगरानी के लिए रेगुलेटरी बॉडी बनाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जा सकेगा। संवैधानिक मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
पांच साल से कार्यरत कर्मचारियों को राहत
कैबिनेट ने लंबे समय से आउटसोर्स आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को राहत देने का फैसला किया। पांच वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सरकारी अनुबंध व्यवस्था के तहत लाने के लिए विधानसभा में विधेयक पेश किया जाएगा। इसके अलावा 582 सर्विस प्रोवाइडर, 449 वेटरनरी फार्मासिस्ट और 551 सफाई सेवकों सहित 1,600 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
पेड़ काटने पर 10 नए पौधे लगाने होंगे
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल-2026 को मंजूरी दी गई। नए प्रावधान के तहत एक पेड़ काटने पर 10 नए पौधे लगाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये तक जुर्माना और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
तीन डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित होंगे
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तीन निजी डिजिटल ओपन विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इनमें होशियारपुर के बोहन गांव में क्लाउड यूनिवर्सिटी, पटियाला के फतेहपुर में एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी तथा आनंदपुर (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इन संस्थानों में डिजिटल माध्यम से उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
PWD में 19 नए पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल ड्राफ्ट्समैन के 19 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की। यह निर्णय विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।