दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में अगले 4 से 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। खासकर दोआबा, माझा और शिवालिक क्षेत्र के जिलों में वर्षा की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है।
कब तक रहेगा बारिश का मौसम
मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार 24 से 30 जुलाई के बीच भी पंजाब में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि लगातार मूसलाधार बारिश की बजाय रुक-रुककर वर्षा होने की संभावना अधिक है। इससे तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी और किसानों को भी राहत मिलेगी।
तापमान कितना चल रहा है
बारिश के बावजूद पंजाब में दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। बारिश के समय तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, लेकिन नमी बढ़ने से उमस महसूस होगी।
किसानों के लिए राहत की खबर
धान की खेती कर रहे किसानों के लिए यह मौसम काफी लाभदायक माना जा रहा है। लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और सिंचाई की आवश्यकता भी कम होगी। हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी, वहां खेतों में जलभराव से बचने के लिए निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
शहरों में बढ़ सकती हैं परेशानियां
बारिश के कारण जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और मोहाली जैसे शहरों में जलभराव, धीमी यातायात व्यवस्था और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, वहां स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों का अनुमान
विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पंजाब में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। इसके बाद भी बीच-बीच में बारिश होती रहेगी और अगस्त के पहले सप्ताह तक मानसून सामान्य रूप से सक्रिय रहने की संभावना है। इससे भीषण गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस का असर जारी रह सकता है।