काम बंद, दफ्तरों में बढ़ी सन्नाटे जैसी स्थिति
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पावरकॉम के तकनीकी और क्लेरिकल कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब विभागीय कामकाज पर साफ दिखाई देने लगा है। कई कार्यालयों में नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उपभोक्ताओं को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के सामूहिक रूप से काम से दूर रहने के कारण विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़ गए हैं। इसका असर आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है।
बिजली कनेक्शन और शिकायतों का निपटारा हुआ प्रभावित
हड़ताल के चलते नए बिजली कनेक्शन जारी करने, लोड बढ़ाने या घटाने, मीटर बदलने और खराब मीटरों की जांच जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान में भी देरी हो रही है। कई स्थानों पर फॉल्ट ठीक करने वाली टीमें सीमित संख्या में काम कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बिलिंग और दफ्तरों के जरूरी कार्य भी अटके
क्लेरिकल स्टाफ के हड़ताल पर रहने से बिलों में सुधार, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड अपडेट करने, नाम परिवर्तन, सुरक्षा राशि वापस करने, फाइलों की प्रोसेसिंग और अन्य प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार लगभग थम गई है। कार्यालयों में आने वाले उपभोक्ताओं को कई मामलों में यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद ही उनका काम किया जाएगा।
उद्योगों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता
हड़ताल का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी तकनीकी सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ रहा है। यदि किसी उद्योग में बिजली संबंधी तकनीकी समस्या आती है तो उसके समाधान में लगने वाला अतिरिक्त समय उत्पादन पर भी असर डाल सकता है। कारोबारियों का कहना है कि लंबे समय तक यही स्थिति रही तो आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
ये सेवाएं सबसे ज्यादा हो रही हैं प्रभावित
हड़ताल के कारण जिन कार्यों पर सबसे अधिक असर पड़ा है उनमें नए बिजली कनेक्शन जारी करना, मीटर लगाना और बदलना, लोड परिवर्तन, बिल संशोधन, शिकायतों का निस्तारण, कार्यालयी रिकॉर्ड अपडेट करना, फाइलों की जांच, भुगतान संबंधी प्रक्रिया, तकनीकी निरीक्षण, लाइन शिफ्टिंग, अस्थायी कनेक्शन जारी करना तथा विभिन्न अनुमतियों से जुड़े कार्य शामिल हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके आवेदन लंबित पड़े हैं और उन्हें कोई निश्चित समय नहीं बताया जा रहा।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों को लेकर कई बार विभाग और सरकार के समक्ष आवाज उठाई गई, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर उपभोक्ता चाहते हैं कि सरकार और कर्मचारी संगठन जल्द बातचीत कर विवाद का समाधान निकालें ताकि बिजली सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो सकें।
आम लोगों को राहत का इंतजार
बिजली विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी होती हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर परेशानियां और बढ़ सकती हैं। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि दोनों पक्ष जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे, जिससे लंबित कार्य पूरे हों और बिजली सेवाओं का संचालन पहले की तरह सुचारु रूप से शुरू हो सके।