दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब की सियासत में मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के वरिष्ठ सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता भगवंत सिंह सियालका ने मुख्यमंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे पद छोड़ने की मांग की है। सियालका का आरोप है कि राज्य के कई हिस्सों में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों से जुड़े पोस्टरों को जानबूझकर फाड़ा और हटाया जा रहा है, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल से इस पूरे मामले में तुरंत संवैधानिक हस्तक्षेप करने की अपील की है।
इन इलाकों में पोस्टरों को निशाना बनाने का दावा
भगवंत सिंह सियालका के अनुसार, विवादित वीडियो मामले की फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद अकाल तख्त साहिब द्वारा कुछ विशेष निर्देश जारी किए गए थे। इन आदेशों से आम जनता और संगत को अवगत कराने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर लगाए गए थे। आरोप है कि मजीठा, चविंडा देवी, बटाला बाईपास, नंगल टोल प्लाजा और फतेहगढ़ साहिब समेत कई प्रमुख स्थानों पर इन पोस्टरों को सुनियोजित तरीके से फाड़ा और हटाया गया है। सियालका का कहना है कि सिख इतिहास में अकाल तख्त साहिब के आदेशों का हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और इस तरह की हरकतें राज्य का माहौल खराब कर तनाव पैदा कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग और राज्यपाल से गुहार
एसजीपीसी सदस्य ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अब तक विवादित वीडियो को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। ऐसे में उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आम आदमी पार्टी इस विषय पर मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती, तो पंजाब के राज्यपाल को अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस मामले में दखल देना चाहिए।
रणनीति तय करने के लिए SGPC की विशेष बैठक
इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर सिख संस्थाओं में भारी रोष देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसजीपीसी द्वारा एक विशेष बैठक आमंत्रित की गई है। इस बैठक में आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा और संगत को पूरे घटनाक्रम की हकीकत से रूबरू कराने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।