दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
दोआबा की ऐतिहासिक धरती शनिवार रात एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक समागम की साक्षी बनी। साईं दास स्कूल के विशाल प्रांगण में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य राज्य स्तरीय धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ राजनेता मनीष सिसोदिया सहित सूबे के तमाम शीर्ष नेतृत्व ने शिरकत की। दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुए इस आयोजन में समूचे पंजाब से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इसे एक ऐतिहासिक रूप दे दिया।
भक्ति संगीत की सुरमयी शाम और गूंजे जयकारे
इस अलौकिक उत्सव की शाम को मशहूर भक्ति गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी जादुई आवाज से और भी दिव्य बना दिया। उन्होंने जब अपने चिर-परिचित अंदाज में महादेव के भजनों की प्रस्तुति दी, तो पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। ‘मेरा भोला है भंडारी’ जैसे लोकप्रिय भजनों पर मुख्यमंत्रियों से लेकर आम जनता तक, हर कोई शिव भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान देश के कोने-कोने से पहुंचे लगभग 25 शीर्ष महामंडलेश्वरों और संतों ने मंच की शोभा बढ़ाई और जनता को अपना आशीर्वाद दिया।
बुजुर्गों के लिए मुफ्त बसों के चार नए गंतव्य
इस पावन अवसर को और अधिक स्मरणीय बनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया। सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत चलने वाली बसों का दायरा बढ़ाते हुए इसमें चार नए पवित्र धामों को जोड़ा गया है। अब पंजाब के बुजुर्ग श्रद्धालु बिना कोई पैसा खर्च किए सरकारी बसों के जरिए सालासर बालाजी, श्री खाटू श्याम जी, हरिद्वार और पावन नगरी मथुरा-वृंदावन के दर्शन के लिए सफर कर सकेंगे। इस घोषणा का उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। नेताओं ने साफ किया कि यह पहल राज्य के लोगों को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों से जोड़ने का एक ईमानदार प्रयास है।
सद्भाव और सांस्कृतिक धरोहर का संदेश
मंच से जनता को संबोधित करते हुए नेताओं ने पंजाब की साझी संस्कृति और आपसी भाईचारे की जमकर सराहना की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जालंधर की यह पावन और आध्यात्मिक भूमि इस महान उत्सव के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है, जो हमारी समृद्ध विरासत को दर्शाती है। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पंजाब की उपजाऊ मिट्टी में हर तरह की खुशहाली पनप सकती है, लेकिन यहाँ नफरत और वैमनस्य के बीज कभी अंकुरित नहीं हो सकते। उन्होंने दोहराया कि पंजाब की जनता जाति-धर्म से ऊपर उठकर हर त्योहार को आपसी प्रेम से मनाती है और सरकार इस सामाजिक ताने-बाने को अक्षुण्ण रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।