कोर्ट जाने की तैयारी में पंजाब सरकार
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
पंजाब और राजस्थान के बीच पानी की रॉयल्टी को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। पंजाब सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि बातचीत से हल नहीं निकला तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
राजस्थान के रुख से बढ़ा तनाव
राजस्थान की ओर से पानी की रॉयल्टी देने से इनकार किए जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया है। पंजाब का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि संसाधनों के न्यायपूर्ण बंटवारे का मामला है। वहीं राजस्थान अपने मौजूदा अधिकारों और पुराने समझौतों का हवाला दे रहा है।
ऐतिहासिक समझौतों पर टिका विवाद
पंजाब सरकार का दावा है कि पानी को लेकर पुराने समय में हुए समझौतों के तहत भुगतान की व्यवस्था थी। उनका कहना है कि इन समझौतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विवाद सिर्फ वर्तमान नीति का नहीं बल्कि ऐतिहासिक दस्तावेजों की व्याख्या पर भी निर्भर करेगा।
एसवाईएल विवाद के बीच नया मोर्चा
पहले से ही SYL Canal को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच मामला अदालत में चल रहा है। ऐसे में राजस्थान के साथ नया पानी विवाद राज्य की कानूनी और राजनीतिक चुनौती को और बढ़ा सकता है।
आर्थिक असर भी बड़ा मुद्दा
पंजाब का दावा है कि वर्षों से पानी का उचित भुगतान नहीं होने के कारण राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यदि यह मामला अदालत में जाता है और फैसला पंजाब के पक्ष में आता है, तो बड़ी रकम की वसूली का रास्ता खुल सकता है।
आगे क्या?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों राज्य आपसी बातचीत से समाधान निकालते हैं या मामला लंबी कानूनी लड़ाई में बदलता है। आने वाले दिनों में यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।