दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक संदिग्ध पोस्ट ने अचानक तनाव का माहौल पैदा कर दिया। पोस्ट में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप किए जाने का दावा किया गया। खबर तेजी से छात्रों के बीच फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र गर्ल्स हॉस्टल के आसपास एकत्रित हो गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और छात्रों ने यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भड़का आक्रोश
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात सोशल मीडिया और छात्र समूहों में एक संदेश तेजी से प्रसारित हुआ। इसमें दावा किया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश कर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। संदेश के वायरल होते ही बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल के बाहर जमा होने लगे। छात्रों में इस बात को लेकर नाराजगी दिखाई दी कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति कैंपस में प्रवेश कर सकता है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।
देखते ही देखते बढ़ती गई भीड़
कुछ ही देर में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सुरक्षा कर्मियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों की भीड़ कैंपस के विभिन्न हिस्सों में पहुंच गई। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कैंपस की कुछ संपत्ति में तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी सामने आई। प्रदर्शन के दौरान एक हिस्से में आग लगाए जाने की बात भी सामने आई।
मुख्य गेट पर जुटे छात्र, हाईवे हुआ जाम
कैंपस में बढ़ते विरोध के बाद प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट की ओर बढ़ गए। रात करीब ढाई बजे छात्रों ने यूनिवर्सिटी से बाहर निकलकर चंडीगढ़-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना शुरू कर दिया। हाईवे पर छात्रों के बैठने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। रात के समय हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए।
पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसएसपी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया। कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा पुलिस अधिकारियों और बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से छात्रों को पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया गया।
पुलिस ने रेप की पुष्टि से किया इनकार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित रेप की खबर की प्राथमिक जांच में अभी तक ऐसा कोई तथ्य या शिकायत सामने नहीं आई है, जिससे घटना की पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अफवाह फैलाने वाले संदेश के स्रोत की जांच
पुलिस अब उस संदेश और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है, जिसके बाद कैंपस में इतनी बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। अधिकारियों की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित हुआ और इसे आगे किन लोगों ने फैलाया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी आरोपों को बताया भ्रामक
एलपीयू प्रशासन की ओर से भी छात्रों के नाम एक आधिकारिक अपील जारी की गई। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही कथित रेप की खबरों को झूठा और भ्रामक बताया। छात्रों से किसी भी तरह की अशांति या प्रदर्शन में शामिल न होने तथा हॉस्टल और कमरों में सुरक्षित रहने की अपील की गई। प्रशासन ने छात्रों से किसी भी उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहने और कैंपस में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करने को कहा।
बॉक्स : एलपीयू प्रशासन की छात्रों से अपील
“प्रिय छात्र,
हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि सभी छात्र कैंपस में पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें झूठी और भ्रामक हैं, जिन्हें शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया है।
आपसे सलाह दी जाती है कि किसी भी अशांति या प्रदर्शन में भाग न लें। अपने हॉस्टल/कमरे में सुरक्षित रहें और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहें।
कृपया शांत और व्यवस्थित माहौल बनाए रखने में सहयोग करें।”
— लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन