दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में पंजाब और चंडीगढ़ में चल रही कार्रवाई करीब 50 घंटे बाद समाप्त हुई। मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मुख्यालय में लंबी तलाशी के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। कार्रवाई के बाद कार्यालय की तीन मंजिलों को सील कर दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
290 करोड़ के बैंक फ्रॉड से जुड़ा मामला
ED की जांच करीब 290 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में बताई जा रही है। जांच में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल परियोजना से संबंधित वित्तीय लेन-देन के साथ GMADA से जुड़े कुछ मामलों को भी खंगाला जा रहा है। इनमें वैधानिक बकाया में कथित छूट और रद्द किए गए भूखंडों के दोबारा आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं।
कई शहरों में एक साथ हुई कार्रवाई
जांच के तहत ED ने दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में कई स्थानों पर तलाशी और सर्वे किया। एजेंसी की कार्रवाई करीब 26 परिसरों तक पहुंची। अधिकारियों की गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच के चलते कई स्थानों पर काफी देर तक कार्रवाई जारी रही।
IAS अधिकारी के ठिकाने पर भी पहुंची टीम
चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित IAS अधिकारी राजीव गुप्ता के आवास पर भी ED की टीम पहुंची। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि एक IAS अधिकारी से जुड़े ठिकाने से करीब ढाई करोड़ रुपये नकद, सवा किलो के आसपास सोना-चांदी और जमीन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हालांकि बरामदगी से जुड़े अंतिम आधिकारिक विवरण का इंतजार है।
मंत्री के रिश्तेदार के घर पर देर रात तक तलाशी
लुधियाना के साहनेवाल इलाके में पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के आवास पर भी ED की टीम ने तलाशी ली। बुधवार दोपहर शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चलने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर भी ED टीम के पहुंचने की बात सामने आई है।
पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में दी चुनौती
ED की कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। देर रात हुई सुनवाई में सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट विक्रम चौधरी ने कार्रवाई की अवधि और तरीके को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अदालत को बताया कि तलाशी 50 घंटे से अधिक समय तक चली और अधिकारियों को कार्यालय में ही आराम करना पड़ा।
ED और केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन तथा सीनियर एडवोकेट धीरज जैन अदालत में पेश हुए। केंद्र की ओर से याचिका की सुनवाई योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता ने अदालत का रुख करने से पहले संबंधित पक्ष को सूचना नहीं दी थी। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
वारंट ऑफिसर की रिपोर्ट पर भी नजर
हाई कोर्ट मामले में वारंट ऑफिसर की रिपोर्ट और पंजाब सरकार की याचिका की सुनवाई योग्यता से जुड़े पहलुओं पर विचार कर रही है। उधर, GMADA मुख्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन भी किया। करीब 50 घंटे चली कार्रवाई के बाद एजेंसी की टीमें मुख्यालय से बाहर निकलीं और जांच से संबंधित दस्तावेज अपने साथ ले गईं।