दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
दिल्ली के यमुना बाजार घाट इलाके में रहने वाले करीब 310 परिवारों के सामने अब अपने घर बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। दिल्ली नगर निगम द्वारा इलाके को खाली कराने के लिए दिए गए नोटिस के बाद स्थानीय लोगों में डर और नाराज़गी का माहौल है। वर्षों से यहां रह रहे परिवारों का कहना है कि अचानक मिले नोटिस ने उनकी जिंदगी संकट में डाल दी है।
कांग्रेस नेताओं ने किया दौरा
दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Devender Yadav प्रभावित इलाके में पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके साथ पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे, जिन्होंने परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
रोजी-रोटी पर मंडराया संकट
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से यमुना किनारे रहकर छोटे-मोटे काम और कारोबार से अपना घर चला रहे हैं। अगर उन्हें यहां से हटाया गया तो परिवारों के सामने रोजगार और बच्चों की पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाएगा।
बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन पर्यावरण और एनजीटी के आदेशों का हवाला देकर गरीब परिवारों को उजाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए यह कार्रवाई कर रही है।
कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान
कांग्रेस ने साफ किया है कि प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पार्टी जरूरत पड़ने पर अदालत से लेकर सड़क तक संघर्ष करने की बात कह रही है, ताकि लोगों के आशियाने बचाए जा सकें।
राजनीतिक मुद्दा बना मामला
यमुना किनारे अतिक्रमण हटाने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक तरफ प्रशासन पर्यावरण संरक्षण की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे गरीब परिवारों के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है।