दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ चल रही जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनके चंडीगढ़ स्थित ठिकाने समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है, जिसमें भुल्लर और उनके नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
राज्य के कई शहरों में एक साथ कार्रवाई
ईडी की टीमों ने पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 11 स्थानों को निशाना बनाया। इनमें लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर जैसे शहर शामिल हैं। जांच एजेंसी का फोकस उन लोगों और संपत्तियों पर है, जिनका संबंध भुल्लर से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन छापों का उद्देश्य संदिग्ध लेन-देन और बेनामी संपत्तियों की कड़ी को उजागर करना है।
सीबीआई की कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे
इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई कार्रवाई में भुल्लर के ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और कीमती सामान बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि उनके पास करोड़ों रुपये की नगदी, सोने-चांदी के आभूषण, महंगी घड़ियां और कई लग्जरी वाहन मौजूद थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले, जिससे उनकी आय के स्रोतों पर सवाल खड़े हुए।
नई जांच में बड़े अफसरों पर भी नजर
हाल ही में एक विशेष अदालत ने सीबीआई को एक नई प्रारंभिक जांच की अनुमति दी है, जिसमें कुछ अन्य अधिकारियों और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों को कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जो एक बड़े स्तर पर फैले भ्रष्टाचार नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं
भुल्लर को अदालत से भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने यह छूट जरूर दी है कि यदि निर्धारित समय तक ट्रायल शुरू नहीं होता, तो वे दोबारा जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
रिश्वत के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि हरचरण सिंह भुल्लर को अक्टूबर 2025 में सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उन पर एक कारोबारी से केस में राहत देने के बदले पैसे मांगने और लेने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद से ही वे न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी संपत्तियों की जांच लगातार जारी है।
आगे और खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। ईडी और सीबीआई दोनों ही इस केस को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे यह मामला पंजाब के बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो सकता है।