दोआबा न्यूजलाइन। सतपाल शर्मा
पंजाब में सरकारी बस सेवाओं को बड़ा झटका लगा है। PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से राज्यभर में 1000 से अधिक बस रूट प्रभावित हुए हैं। कई बस अड्डों पर सरकारी बसों का संचालन बंद रहा, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
बस अड्डों पर दिखा असर
हड़ताल का असर सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न बस अड्डों पर देखने को मिला। कई स्थानों पर सरकारी बसें डिपो से बाहर नहीं निकलीं, जबकि कुछ जगहों पर सीमित संख्या में ही बसों का संचालन हो सका। बसों के इंतजार में यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
सरकारी बस सेवाएं प्रभावित होने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को हुई। कई यात्रियों को अतिरिक्त किराया देकर निजी बसों या अन्य साधनों का उपयोग करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने कहा कि अचानक बसें बंद होने से उन्हें अपने जरूरी काम स्थगित करने पड़े।
कर्मचारियों की क्या हैं मांगें
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। वे नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं। यूनियन नेताओं का आरोप है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विभिन्न जिलों में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार पर बढ़ा दबाव
हड़ताल के कारण परिवहन विभाग पर भी दबाव बढ़ गया है। सरकारी बसों के बंद होने से आम जनता प्रभावित हो रही है और सरकार पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बन रहा है। विभागीय अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और बस सेवाओं को सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा?
यदि कर्मचारियों और सरकार के बीच जल्द बातचीत नहीं होती तो आने वाले दिनों में परिवहन व्यवस्था पर इसका और अधिक असर पड़ सकता है। फिलहाल यात्रियों को उम्मीद है कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे ताकि सरकारी बस सेवाएं दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो सकें और लोगों को राहत मिल सके।