दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
देश के पूर्व प्रधानमंत्री Inder Kumar Gujral के परिवार से जुड़ा एक बड़े साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार ठगों ने डिजिटल पहचान और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ऐसा माहौल बनाया कि कर्मचारियों को लगा कि उन्हें सीधे अधिकृत व्यक्ति की ओर से निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी दौरान करोड़ों रुपये अलग-अलग चरणों में ट्रांसफर कर दिए गए।
व्हाट्सऐप गतिविधि के जरिए बनाया गया भरोसा
जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने संचार का ऐसा तरीका अपनाया जिससे कर्मचारियों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। कथित तौर पर व्हाट्सऐप स्टेटस और मैसेज के माध्यम से यह विश्वास दिलाया गया कि पैसों की मांग वास्तविक और जरूरी है। इसी भरोसे में स्टाफ ने भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
आंतरिक पुष्टि के दौरान सामने आई गड़बड़ी
पूरा मामला तब सामने आया जब लेनदेन की दोबारा जांच की गई और भुगतान के निर्देशों को सत्यापित किया गया। इसके बाद पता चला कि जिन निर्देशों के आधार पर रकम भेजी गई थी, वे वास्तविक स्रोत से नहीं आए थे। इसके बाद संबंधित पक्ष ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
दिल्ली में दर्ज हुई शिकायत, डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने केस दर्ज कर डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की नजर बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल रिकॉर्ड और उन खातों पर है जिनमें रकम भेजी गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना के पीछे कोई संगठित साइबर नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
साइबर ठगी के बदलते तरीकों ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने फिर दिखाया है कि अब साइबर अपराध केवल फर्जी कॉल या लिंक तक सीमित नहीं हैं। पहचान, भरोसा और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर बड़े वित्तीय अपराधों को अंजाम देने की कोशिशें बढ़ रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे नेटवर्क ने इस ठगी को किस तरह अंजाम दिया।