दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर
मोहाली में जमीन और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दायरे में आगे बढ़ रही है। इसी मामले में पंजाब कैडर के IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से 10 दिनों के भीतर दूसरी बार पूछताछ की गई। इससे पहले भी ED उनसे करीब साढ़े आठ घंटे तक सवाल-जवाब कर चुकी है।
2020 में शुरू हुई थी शिकायत
मामले की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई शिकायत से बताई गई है। मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी 53 कनाल जमीन समेत 14 अन्य किसानों की कुल 30.5 एकड़ जमीन से संबंधित कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। आरोप के मुताबिक इन दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए थे।
पुलिस जांच के बाद दर्ज हुई FIR
25 नवंबर 2020 को तत्कालीन मोहाली SP (इन्वेस्टिगेशन) हरमंदীপ हंस ने मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आने के बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में FIR दर्ज की गई। यही FIR आगे चलकर ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बनी।
7 मई को ED की बड़ी कार्रवाई
जांच में आगे बढ़ते हुए 7 मई 2026 को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इसके बाद मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई। जांच एजेंसी ने सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल समेत ABS Township और Eltus Space Builders से जुड़े अधिकारियों एवं निदेशकों से पूछताछ की।
₹21 लाख कैश मिलने का दावा
ED की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोयल के घर पर भी तलाशी ली गई। रिपोर्ट के मुताबिक इसी कार्रवाई के दौरान नौवीं मंजिल से करीब ₹21 लाख नकद नीचे फेंका गया। पूछताछ के बाद ED ने अजय सहगल को गिरफ्तार किया और उन्हें सनटेक सिटी का प्रमुख प्रमोटर बताया गया।
अजय सहगल की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज
अजय सहगल की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ा। ED अब जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी CLU (Change of Land Use) से जुड़ी मंजूरियों और संबंधित सरकारी रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। जांच में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) और आवास विभाग के कामकाज से जुड़ी कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।
कई अधिकारियों से हो चुकी पूछताछ
जांच एजेंसी पहले ही कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। सनटेक सिटी समेत अन्य प्रोजेक्ट्स को जारी की गई CLU मंजूरियों से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरियां किस प्रक्रिया के तहत दी गईं और इनमें किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं।
कंवलप्रीत बराड़ से दूसरी बार पूछताछ
पंजाब कैडर के IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ 10 दिनों के भीतर दूसरी बार जालंधर स्थित ED कार्यालय पहुंचे। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह ED कार्यालय पहुंचीं और रजिस्टर में पेशी को लेकर हस्ताक्षर करने के बाद सीधे अंदर चली गईं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की।
18 अगस्त को भी हुई थी पूछताछ
इससे पहले ED ने कंवलप्रीत बराड़ को 18 अगस्त को पूछताछ के लिए समन किया था। उस दिन उनसे करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ हुई थी। अब इसी मामले में उन्हें दोबारा बुलाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पूछताछ का संबंध मोहाली के एक प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं और CLU मंजूरी की प्रक्रिया से जुड़ा है।
आगे किन पहलुओं की जांच?
ED की जांच मुख्य रूप से जमीन सौदों, कथित फर्जी दस्तावेजों, CLU मंजूरियों, संबंधित प्रोजेक्ट्स और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन के आसपास केंद्रित दिखाई दे रही है। एजेंसी सरकारी अधिकारियों, प्रमोटरों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोपों को अंतिम रूप से साबित मानना उचित नहीं होगा।
नोट: ऊपर की खबर उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोपों को जांच एजेंसी/पुलिस के आरोप या जांच के विषय के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है, अंतिम दोष सिद्धि के रूप में नहीं।