दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर जिमखाना क्लब की नई मैनेजिंग कमेटी के चुनाव को लेकर अब तस्वीर साफ होने लगी है। चुनाव प्रचार का दौर समाप्त होने के बाद रविवार, 30 अगस्त को क्लब में मतदान होगा। चुनाव में दो प्रमुख पैनल अचीवर्स ग्रुप और प्रोग्रेसिव ग्रुप आमने-सामने हैं। बड़ी संख्या में क्लब सदस्य अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डालेंगे।
13 पदों के लिए चुनावी मुकाबला
चुनाव प्रक्रिया के तहत क्लब की मैनेजिंग कमेटी के कुल 13 पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें जूनियर वाइस प्रेसिडेंट, ऑनरेरी सेक्रेटरी, ज्वाइंट सेक्रेटरी, ट्रेजरर सहित एग्जीक्यूटिव कमेटी के पद शामिल हैं। अलग-अलग पदों पर उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा।
ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर पहले ही फैसला
ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर चुनाव से पहले ही परिणाम तय हो चुका है। प्रोग्रेसिव ग्रुप की उम्मीदवार अनु माटा के नामांकन वापस लेने के बाद अचीवर्स ग्रुप के हरप्रीत सिंह गोल्डी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। इसलिए इस पद के लिए मतदान नहीं होगा।
सेक्रेटरी पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
क्लब के ऑनरेरी सेक्रेटरी पद पर इस बार मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। अचीवर्स ग्रुप की ओर से अमित कुकरेजा, जबकि प्रोग्रेसिव ग्रुप की ओर से रोटेरियन विजय सहदेव चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा माइकल ओहरी भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। ऐसे में इस पद पर तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
इन पदों पर भी कड़ा मुकाबला
जूनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद के लिए धीरज सेठ और एडवोकेट दलजीत सिंह छाबड़ा के बीच सीधा मुकाबला है। वहीं ट्रेजरर पद पर सौरभ खुल्लर और इंजीनियर गुरदर्शन सिंह कोचर आमने-सामने हैं।
4078 सदस्य मताधिकार का करेंगे इस्तेमाल
इस चुनाव में क्लब के करीब 4078 सदस्य वोट डालने के पात्र बताए जा रहे हैं। प्रत्येक सदस्य को चुनाव में 13 पदों के लिए मतदान करने का अधिकार है। ऐसे में बड़ी संख्या में वोट डाले जाने की संभावना है।
आखिरी दिन तक चला संपर्क अभियान
मतदान से पहले दोनों पैनलों ने क्लब सदस्यों से संपर्क अभियान तेज रखा। उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत मुलाकातों के साथ-साथ अपने पैनल की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को सदस्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया। अब चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद सभी की नजर रविवार की वोटिंग और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी है।
रविवार को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि क्लब की कमान अगले कार्यकाल में अचीवर्स ग्रुप के हाथ में जाती है या प्रोग्रेसिव ग्रुप अपनी पकड़ मजबूत करने में सफल रहता है।