दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच होशियारपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से सियासी हलचल मच गई है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे चंडीगढ़ से पहुंची ईडी की टीम ने जोधामल रोड स्थित उनके घर पर दस्तक दी और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। टीम तीन गाड़ियों में पहुंची थी। सुबह-सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी की इस कार्रवाई की खबर फैलते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गईं।
वकील ने ईडी की टीम पहुंचने की पुष्टि की
सुंदर शाम अरोड़ा के एडवोकेट एचएस सैनी ने उनके आवास पर ईडी की टीम पहुंचने की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें यह जानकारी नहीं है कि जांच एजेंसी किस मामले में कार्रवाई करने पहुंची है और इसके पीछे क्या आधार है। वहीं, कार्रवाई को लेकर ईडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में जांच के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश
ईडी की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। कांग्रेस के जिला प्रधान एडवोकेट दलजीत सिंह गिल ने कहा कि पंजाब में चुनावी माहौल बनने के साथ ही विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं पर दबाव बनाने और उनका मनोबल कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
अरोड़ा के समर्थन में उतरी जिला कांग्रेस
दलजीत सिंह गिल ने कहा कि कांग्रेस को पहले से आशंका थी कि चुनाव नजदीक आने पर पार्टी के नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सहारा लिया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई से घबराने वाली नहीं है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ सुंदर शाम अरोड़ा के साथ खड़ी है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए राजनीतिक विरोधियों को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
कार्रवाई के कारणों पर बनी हुई है नजर
फिलहाल सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर ईडी की कार्रवाई किस मामले से संबंधित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी की ओर से भी कार्रवाई के उद्देश्य और जांच से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईडी की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और एजेंसी की ओर से इस संबंध में कब तक आधिकारिक जानकारी दी जाती है।