दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर ( सतपाल शर्मा)
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और साफ-सुथरा बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया है, जिनकी छवि विवादित या आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी रही है।
नए प्रावधानों के तहत सरकारी या सामुदायिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खास बात यह है कि ऐसे मामलों में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।
इसी के साथ नशा तस्करी से जुड़े मामलों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। जिन व्यक्तियों के खिलाफ मादक पदार्थों, खासकर चिट्टा और हैरोइन से संबंधित मामलों में अदालत द्वारा आरोप तय किए जा चुके हैं, उन्हें भी चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। इससे पंचायत स्तर पर अपराध और नशे के प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव आयोग ने इन नए नियमों को लागू करने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से संपन्न हो सकें। इस संबंध में विधानसभा में पारित विधेयक को अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही ये नियम आगामी पंचायत चुनावों में लागू हो जाएंगे।