दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर में जनगणना से जुड़े कार्यों में कथित लापरवाही बरतने वाले 82 शिक्षकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों की ओर से संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके वेतन पर रोक लगाई जा सकती है।
सर्वे कार्य में अनुपस्थित मिलने का आरोप
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण और फील्ड सर्वे के दौरान कई शिक्षक निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित नहीं पाए गए। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों की सूची तैयार की गई और उनसे जवाब तलब किया गया है।
कारण बताने के लिए कार्यालय में बुलाया
नोटिस प्राप्त करने वाले शिक्षकों को निर्धारित तिथि पर चुनाव तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी कर्मचारियों को अपनी अनुपस्थिति का उचित कारण बताने का अवसर दिया जाएगा।
जवाब के आधार पर होगा फैसला
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी के पास वैध कारण पाया जाता है तो उसे रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा, जबकि बिना उचित कारण अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जनगणना कार्य को बताया अहम जिम्मेदारी
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में तैनात कर्मचारियों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ड्यूटी में कोताही को गंभीरता से लिया जा रहा है ताकि भविष्य में सरकारी कार्य प्रभावित न हों।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता
नोटिस जारी होने के बाद संबंधित शिक्षकों में चिंता का माहौल है। कई शिक्षक अपने दस्तावेज और स्पष्टीकरण तैयार करने में जुट गए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।