दोआबा न्यूजलाइन। सतपाल शर्मा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, लेकिन शुरुआत के साथ ही कई इलाकों से हिंसा और हंगामे की खबरें सामने आने लगीं। सख्त सुरक्षा इंतजामों और चुनाव आयोग के दावों के बावजूद राज्य के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा इलाके में मतदान से पहले ही देसी बम फेंके जाने की घटना ने दहशत फैला दी। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिसके बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने डोमकल क्षेत्र के अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
इसी दौरान घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख Humayun Kabir को विरोध का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस और झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। बाद में कबीर विरोध जताते हुए धरने पर बैठ गए।
वहीं मालदा जिले के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में भी हालात बिगड़ते नजर आए। एक मतदान केंद्र पर EVM में खराबी आने के कारण वोटिंग में देरी हुई, जिससे नाराज मतदाताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचे सेक्टर अधिकारी को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।
डोमकल क्षेत्र से यह भी शिकायतें सामने आईं कि कुछ जगहों पर मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक जाने से रोका गया और उन्हें धमकाया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह से ही कुछ असामाजिक तत्व हथियारों के साथ मौजूद थे, जिससे लोग भयभीत हो गए। हालांकि बाद में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति को काबू में लाया गया और मतदान प्रक्रिया फिर से शुरू कराई गई।
कुल मिलाकर पहले चरण की वोटिंग के दौरान कई स्थानों पर तनाव, हिंसा और तकनीकी बाधाओं ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया, हालांकि प्रशासन का दावा है कि अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।