दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
हरगोबिंद नगर स्थित एक मकान में बीती 29 अगस्त की रात खूनी संघर्ष का रूप ले बैठी। यहां रहने वाले एक कारखाने के पूर्व चौकीदार दलजीत सिंह का शव खून से लथपथ हालत में उनके कमरे से बरामद हुआ। सिर पर गहरे जख्म के कारण उन्होंने दम तोड़ा। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे मृतक के अपने सगे बेटे सुखपाल सिंह और उसकी पत्नी रूही की संलिप्तता सामने आई है, जो वारदात के समय अपने एक तीसरे साथी के साथ वहां मौजूद थे।

विदेश से लौटने के बाद शुरू हुआ विवाद
प्राप्त ब्योरे के मुताबिक सुखपाल पूर्व में संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में कामकाज करता था। वतन वापसी के उपरांत उसने रूही नाम की युवती से अपनी मर्जी से निकाह/शादी कर ली। पिता इस रिश्ते को कतई स्वीकार करने को तैयार नहीं थे, जिसके परिणाम स्वरूप उन्होंने नवविवाहित जोड़े को अपनी छत से अलग कर दिया। इसके चलते यह जोड़ा पास के ही इलाके में भाड़े के मकान में गुजर-बसर करने लगा।

तंगहाली में रकम की मांग बनी कत्ल की वजह
अलग रहने के दौरान सुखपाल के पास कोई ठोस जरिया न होने से वह भारी मुफलिसी से जूझ रहा था। वह लगातार अपने पिता पर आर्थिक इमदाद के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन बुजुर्ग दलजीत सिंह हर बार इनकार कर देते थे। घटना वाली रात सुखपाल अपनी बेगम और एक अन्य मददगार को लेकर जबरन पिता के पास पहुंचा। रकम देने से दोबारा मना करने पर तू-तू मैं-मैं हिंसक झड़प में बदल गई। इसी गहमागहमी में बुजुर्ग के सिर पर किसी नुकीली और धारदार वस्तु से प्राणघातक वार कर दिया गया।
कानूनी कार्रवाई जारी
पड़ोसियों की सूचना पर स्थानीय थाना नंबर 8 के प्रमुख इंस्पेक्टर साहिल चौधरी अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे से साक्ष्य एकत्र किए और शव को चीर-घर (सिविल अस्पताल) रवाना किया। भारतीय न्याय संहिता के संबंधित कत्ल के प्रावधानों (धारा 103 व 103(5)) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की तफ्तीश अमल में लाई जा रही है।