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दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर। पंजाब की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का दौर तेज हो गया है। जालंधर नॉर्थ से आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे दिनेश ढल्ल अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। उनके भाजपा में जाने से जालंधर की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और खास तौर पर जालंधर नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दिनेश ढल्ल लंबे समय तक आम आदमी पार्टी में सक्रिय रहे। वर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने उन्हें जालंधर नॉर्थ से अपना उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में वह जीत दर्ज नहीं कर सके थे, लेकिन इसके बाद भी पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। वह करीब साढ़े चार साल तक जालंधर नॉर्थ के हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी संभालते रहे।
जुलाई में बदली थी AAP की जिम्मेदारी
दिनेश ढल्ल को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ समय पहले ही आम आदमी पार्टी ने जालंधर नॉर्थ में संगठनात्मक बदलाव किया था। जुलाई 2026 में पार्टी ने ढल्ल की जगह जालंधर के मेयर विनीत धीर को नया हलका इंचार्ज नियुक्त किया था। इसके बाद से ही जालंधर नॉर्थ की राजनीति में बदलाव को लेकर चर्चाएं थीं।
दिलचस्प बात यह है कि जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद दिनेश ढल्ल ने नए हलका इंचार्ज विनीत धीर को शुभकामनाएं भी दी थीं। उन्होंने उस समय पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रहने की बात कही थी। अब उनके भाजपा में शामिल होने से जालंधर की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
दिनेश ढल्ल का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ था। वह पंजाब यूथ कांग्रेस में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी का रुख किया और 2022 में AAP के टिकट पर जालंधर नॉर्थ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।
अब एक बार फिर राजनीतिक पाला बदलते हुए उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया है। ऐसे में उनका यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BJP को जालंधर नॉर्थ में मिल सकता है फायदा
दिनेश ढल्ल लंबे समय से जालंधर नॉर्थ में सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान है। ऐसे में भाजपा में उनका शामिल होना पार्टी के लिए संगठनात्मक तौर पर अहम माना जा रहा है। जालंधर नॉर्थ में भाजपा पहले भी मजबूत राजनीतिक स्थिति में रही है और 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के.डी. भंडारी दूसरे स्थान पर रहे थे।
ढल्ल के भाजपा में आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी उन्हें आने वाले समय में किस तरह की राजनीतिक जिम्मेदारी देती है। क्या उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कोई बड़ा दांव खेला जाएगा, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।
2027 से पहले बदले समीकरण
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। जालंधर दोआबा की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और यहां नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
दिनेश ढल्ल के भाजपा में शामिल होने से आम आदमी पार्टी को जालंधर नॉर्थ में अपने पुराने संगठनात्मक चेहरे का नुकसान हुआ है, वहीं भाजपा को क्षेत्र में सक्रिय और पहले से पहचान रखने वाला एक नया राजनीतिक चेहरा मिला है।
अब देखना होगा कि दिनेश ढल्ल के भाजपा में आने के बाद जालंधर नॉर्थ में पार्टी की रणनीति क्या रहती है और आगामी विधानसभा चुनाव में इसका कितना असर दिखाई देता है। फिलहाल इतना तय है कि उनके भाजपा में शामिल होने से जालंधर की सियासत में एक नया राजनीतिक मोड़ जरूर आ गया है।