दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब की सियासत और धार्मिक हलकों में चर्चा का केंद्र बने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो मामले में नया बयान सामने आया है। अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर से कहा गया कि वीडियो की तकनीकी जांच करवाई गई और शुरुआती निष्कर्षों में इसे कृत्रिम तरीके से तैयार या एडिट किया गया कंटेंट नहीं माना गया।
जानकारी के मुताबिक, वीडियो की सत्यता पर उठे सवालों के बाद इसकी फोरेंसिक स्तर पर पड़ताल करवाई गई थी। जांच प्रक्रिया में अलग-अलग तकनीकी संस्थानों की रिपोर्ट को आधार बनाया गया ताकि किसी भी तरह की शंका को दूर किया जा सके।
यह विवाद नया नहीं है। करीब पांच महीने पहले अकाल तख्त की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया था। उस समय मान ने संबंधित वीडियो को फर्जी बताते हुए अपनी बात रखी थी और जांच की मांग भी की थी।
अब जांच संबंधी दावों के सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि मामले को लेकर आगे क्या फैसला या कार्रवाई होगी, इस पर नजर बनी हुई है।