दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
पंजाब में बेअदबी की घटनाओं को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग के बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने आज एक अहम बैठक बुलाई है। तेजा सिंह समुद्री हॉल में हो रही इस बैठक में देशभर से सिख संगठनों, धार्मिक विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है, ताकि इस संवेदनशील मुद्दे पर एक साझा रणनीति तैयार की जा सके।
SGPC अध्यक्ष हरजेंद्र सिंह धामी ने कहा कि बेअदबी का मुद्दा पूरे सिख समाज की भावनाओं से जुड़ा है और इसका स्थायी समाधान तभी संभव है जब सभी पंथक संगठन एकमत हों। बैठक में निहंग सिंह दल, दमदमी टकसाल, सिख मिशनरी संस्थाएं, पूर्व जज, वकील और विभिन्न सिख संप्रदायों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल
धामी ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेअदबी जैसे गंभीर मामले पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिख धर्म में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और इसे सामान्य धार्मिक ग्रंथों की तरह नहीं देखा जा सकता।
उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक ऐसा प्रभावी और सख्त कानून जरूरी है, जो धार्मिक मर्यादा और आस्था की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करे।
SGPC के अनुसार, सरकार द्वारा “पंजाब धार्मिक ग्रंथ विरोध अपराध रोकथाम बिल, 2025” के लिए बनाई गई सेलेक्ट कमेटी पर अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। SGPC की ओर से कई बार सुझाव और तकनीकी बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई, लेकिन सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इस स्थिति को लेकर SGPC में असंतोष है और आज की बैठक में इस मुद्दे पर अगली रणनीति तय किए जाने की संभावना है।
आगे की रणनीति पर नजर
बैठक में बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून की रूपरेखा तैयार करने, पंथक संगठनों की एकजुटता बढ़ाने और सरकार पर दबाव बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक के फैसले आने वाले समय में पंजाब की राजनीति और धार्मिक माहौल पर असर डाल सकते हैं।