पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन (PPDAP) ने चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र; तेल कंपनियों पर प्रीमियम फ्यूल खरीदने के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में आने वाले दिनों में वाहन चालकों, खासकर किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है । हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के कई रिटेल आउटलेट्स पूरी तरह से ‘ड्राई’ (तेल खत्म) हो चुके हैं । इस गंभीर संकट को देखते हुए ‘पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब’ (PPDAP) ने पंजाब के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को एक पत्र भेजकर तुरंत दखल देने की मांग की है ।
एडवांस पेमेंट के बावजूद सप्लाई में देरी
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध संकट (West Asia War Crisis) के बाद से ही डीलर ‘कैश एंड कैरी’ मॉडल के तहत कंपनियों को एडवांस फंड दे रहे हैं । इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा ईंधनों की सप्लाई में लगातार देरी और रुकावटें पैदा की जा रही हैं । इंडियन ऑयल (IOCL) की स्थिति फिर भी थोड़ी बेहतर है, लेकिन HPCL और BPCL के डीलर्स को भारी ऑपरेशनल स्ट्रेस का सामना करना पड़ रहा है ।
किसानों में बढ़ी बेचैनी, पंपों पर लगने लगीं कतारें
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक ड्राई-आउट (पेट्रोल-डीजल खत्म होने) की वजह से उपभोक्ताओं और खासकर किसानों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर पैनिक (डर) का माहौल बन गया है । जिन पेट्रोल पंपों पर अभी स्टॉक बचा हुआ है, वहां अचानक गाड़ियों और ड्रमों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं । डीलर्स का कहना है कि अगर सप्लाई चेन को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो कृषि, परिवहन और आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं ।
₹10 महंगा ‘प्रीमियम तेल’ खरीदने का बनाया जा रहा दबाव
डीलर एसोसिएशन ने तेल कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं । पत्र में कहा गया है कि इस मंदी के दौर में भी HPCL द्वारा डीलर्स पर जबरन प्रीमियम-ग्रेड फ्यूल (जैसे ‘POWER’ पेट्रोल) उठाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो सामान्य पेट्रोल-डीजल से करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक महंगा है । डीलर्स का कहना है कि जब तक वे महंगा प्रीमियम प्रोडक्ट नहीं खरीदते, तब तक उनके सामान्य पेट्रोल-डीजल के ऑर्डर (MS/HSD Indents) पास नहीं किए जा रहे हैं । इससे डीलर्स पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है 。
डिपो के वर्किंग आवर्स घटे, संडे की छुट्टियां शुरू
एसोसिएशन के मुताबिक, फरवरी 2026 से पहले तक यह व्यवस्था थी कि सप्लाई सुचारू रखने के लिए तेल डिपो रविवार और अन्य छुट्टियों के दिन भी खुले रहते थे 。 लेकिन अब मौजूदा संकट के बीच डिपो ने छुट्टियों के दिन काम बंद कर दिया है और वर्किंग आवर्स भी घटा दिए हैं, जिससे पंजाब में ईंधन की किल्लत और ज्यादा बढ़ गई है ।
एसोसिएशन की मुख्य सचिव से मांग:
- पंजाब सरकार तुरंत इस मामले का संज्ञान ले और तेल कंपनियों को नियमित और निष्पक्ष सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे ।
- जबरन महंगा प्रीमियम फ्यूल बेचने के दबाव पर रोक लगाई जाए ।
- आम जनता और किसानों की सुविधा के लिए तेल डिपो को पहले की तरह छुट्टियों के दिन भी चालू रखा जाए ।