दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने राज्यसभा की खाली हो रही सीटों पर चुनाव कराने की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग के अनुसार 12 राज्यों की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना कर परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
किन राज्यों में होंगे चुनाव
इस बार जिन राज्यों में राज्यसभा चुनाव कराए जाएंगे उनमें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल शामिल बताए जा रहे हैं। इन राज्यों में कई सांसदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, जिसके बाद नई नियुक्तियां होंगी।
जल्द जारी होगी अधिसूचना
चुनाव आयोग की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्क्रूटनी और नाम वापसी का समय दिया जाएगा। यदि किसी सीट पर उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा रहती है तो मतदान कराया जाएगा, अन्यथा उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने जा सकते हैं।
राजनीतिक दलों ने शुरू किया मंथन
राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दलों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कई बड़े नेता और पूर्व मंत्री राज्यसभा भेजे जा सकते हैं। वहीं कुछ राज्यों में गठबंधन की राजनीति भी अहम भूमिका निभा सकती है। पार्टियां जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के नाम तय करने में जुट गई हैं।
राज्यसभा में बदल सकते हैं समीकरण
इन चुनावों के बाद राज्यसभा में विभिन्न दलों की ताकत में बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा में संख्या बल कई अहम विधेयकों को पारित कराने में बड़ी भूमिका निभाता है। विपक्ष भी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी में है।
विधायकों के वोट से चुने जाते हैं सांसद
राज्यसभा चुनाव आम जनता द्वारा सीधे नहीं कराया जाता। इसमें संबंधित राज्यों के विधायक मतदान करते हैं। चुनाव प्रक्रिया आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत होती है। इसी कारण हर सीट पर राजनीतिक दलों की संख्या और गठबंधन की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कई दिग्गज नेताओं पर टिकी नजर
इस चुनाव में कई चर्चित नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। कुछ पार्टियां संगठन में सक्रिय नेताओं को राज्यसभा भेज सकती हैं, जबकि कुछ नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो चुकी हैं।
चुनावी माहौल हुआ गर्म
राज्यसभा चुनाव की तारीख तय होने के बाद देशभर में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। पार्टियां अब संख्या बल जुटाने, सहयोगी दलों से बातचीत और रणनीतिक बैठकों में व्यस्त दिखाई दे रही हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ चुनावी माहौल और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।