दोआबा न्यूजलाइन। सतपाल शर्मा
पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत दिए हैं। अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकलती दिख रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस दूसरे स्थान पर बनी हुई है। फालता सीट पर पुनर्मतदान के कारण वहां की गिनती 21 मई के बाद होगी।
📊 सीटों का गणित (रुझानों के आधार पर)
कुल सीटें: 294 (293 पर गिनती जारी, 1 पर पुनर्मतदान)
बहुमत का आंकड़ा: 148
भाजपा: 191 सीटों पर बढ़त
टीएमसी: 96 सीटों पर आगे
अन्य (कांग्रेस, वाम दल आदि): 6 सीटों पर बढ़त
📈 वोट शेयर का ट्रेंड
भाजपा: लगभग 45%
टीएमसी: करीब 42%
अन्य: लगभग 13%
इन आंकड़ों से साफ है कि मुकाबला भले कड़ा रहा हो, लेकिन सीटों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है।
🔥 मतगणना के बीच हिंसा और तनाव
गिनती के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति भी बनी:
आसनसोल: पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़
जमुरिया: आगजनी की घटना
कूच बिहार: सुरक्षाबलों का लाठीचार्ज
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।
🗳️ हॉट सीटों का हाल
भवानीपुर: ममता बनर्जी करीब 13,800 वोटों से आगे
नंदीग्राम: सुवेंदु अधिकारी लगभग 8,700 वोटों की बढ़त
बहरामपुर: कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी करीब 5,600 वोटों से पीछे
रेजीनगर: टीएमसी के हुमायूं कबीर 32,000+ वोटों से आगे
पानीहाटी: भाजपा उम्मीदवार करीब 10,000 वोटों की बढ़त बनाए हुए
🌾 आदिवासी और ग्रामीण बेल्ट में बड़ा बदलाव
झाड़ग्राम क्षेत्र—झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम—में भाजपा सभी सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह इलाका पारंपरिक रूप से टीएमसी का गढ़ माना जाता रहा है, ऐसे में यहां का रुझान राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है।
📚 70 साल का सफर: जनसंघ से भाजपा तक
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जड़ें श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ से जुड़ी हैं।
1952: जनसंघ को 9 सीटें
1967: सिर्फ 1 सीट
2011 तक: भाजपा खाता नहीं खोल पाई
2016: 3 सीटें
2021: 77 सीटें
अब (रुझान): 190+ सीटों पर बढ़त
यह सफर दिखाता है कि पार्टी ने धीरे-धीरे अपने जनाधार का विस्तार किया और अब सत्ता के करीब पहुंच गई है।