दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
अमेरिका–ईरान के बीच बने नए समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन इसके साथ एक अहम शर्त भी सामने आई है। समझौते के तहत शुरुआती 60 दिनों तक जहाजों की आवाजाही बिना किसी अनिवार्य शुल्क के जारी रहेगी, जबकि इस अवधि के बाद नई समुद्री व्यवस्था और संभावित शुल्क मॉडल पर बातचीत होगी।
समुद्री कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आगे चलकर ईरान प्रशासनिक और समुद्री सेवाओं के नाम पर शुल्क व्यवस्था लागू करने की कोशिश कर सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ने और वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
करीब तीन महीने से ज्यादा समय तक तनाव और रुकावट झेलने के बाद इस मार्ग के खुलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन सामान्य स्थिति तुरंत लौटती नहीं दिख रही। कई जहाजों ने दोबारा आवाजाही शुरू कर दी है, जबकि बड़ी संख्या में जहाज अभी भी निकासी का इंतजार कर रहे हैं।
अब अगले 60 दिन अमेरिका और ईरान के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और हॉर्मुज के भविष्य के संचालन पर अंतिम समझौते की कोशिश होगी।