दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने चमकौर साहिब को लेकर बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी की ओर से हलका प्रभारी बनाए जाने के बाद जसवीर सिंह गढ़ी ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है।
26 अगस्त को ही दे दिया था इस्तीफा
गढ़ी ने बताया कि उन्होंने आयोग के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा 26 अगस्त की शाम को ही दे दिया था। इसके बाद 27 अगस्त को आम आदमी पार्टी ने उन्हें चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया।
चमकौर साहिब में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी
पार्टी ने गढ़ी को चमकौर साहिब का हलका प्रभारी ऐसे समय में बनाया है, जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और पंजाब की राजनीति में इसका खास महत्व रहा है।
BSP से AAP तक का राजनीतिक सफर
जसवीर सिंह गढ़ी पंजाब में बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2022 में फगवाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने आनंदपुर साहिब सीट से BSP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था।
चन्नी के पुराने गढ़ में AAP का दांव
चमकौर साहिब को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के राजनीतिक क्षेत्र के तौर पर भी जाना जाता है। 2017 में चन्नी ने इस सीट से जीत दर्ज की थी, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP के डॉ. चरणजीत सिंह ने उन्हें पराजित किया था।
राजनीतिक मायने क्या हैं?
गढ़ी को चमकौर साहिब की जिम्मेदारी सौंपे जाने को AAP की चुनावी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अब इस आरक्षित विधानसभा क्षेत्र में संगठन और जमीनी पकड़ मजबूत करने पर जोर देती दिखाई दे रही है। वहीं, गढ़ी के सामने आयोग के संवैधानिक पद से अलग होकर सीधे राजनीतिक भूमिका निभाने की नई जिम्मेदारी होगी।
गढ़ी ने अपने बयान में AAP नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के तौर पर पंजाब की राजनीति में आगे बढ़ाने को लेकर पार्टी नेतृत्व में चर्चा हुई थी।