दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर। जालंधर में कारोबारी से लाखों रुपये की लूट का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। भाटिया इलेक्ट्रिक स्टोर के मालिक को कथित तौर पर निशाना बनाते हुए बदमाश करीब 10 लाख रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लुटेरों तक पहुंचने के लिए आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
कारोबारी को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, भाटिया इलेक्ट्रिक स्टोर से जुड़े कारोबारी के पास बड़ी रकम मौजूद थी। इसी दौरान बदमाशों ने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
वारदात में कितने लोग शामिल थे और लुटेरे किस तरीके से कारोबारी तक पहुंचे, इसे लेकर पुलिस अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने पर है।
CCTV फुटेज बन सकती है अहम कड़ी
लूट की इस वारदात में आसपास लगे CCTV कैमरे पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं। जांच टीम घटनास्थल के आसपास मौजूद कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने की दिशा का पता लगाया जा सके।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने पहले से कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी या घटना अचानक हुई। अगर वारदात से पहले संदिग्धों की रेकी सामने आती है तो जांच का रुख और महत्वपूर्ण हो सकता है।
बड़ी रकम होने की जानकारी किसे थी?
करीब 10 लाख रुपये की नकदी की मौजूदगी इस मामले का अहम पहलू मानी जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम कारोबारी के पास होने की जानकारी आरोपियों को कैसे मिली।
जांच में कारोबारी के हालिया लेन-देन, रकम के आवागमन और घटना से पहले की गतिविधियों को भी देखा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कहीं किसी परिचित या अंदरूनी व्यक्ति ने आरोपियों को जानकारी तो नहीं दी थी।
शहर में कारोबारियों की सुरक्षा पर फिर सवाल
जालंधर में कारोबारी वर्ग पहले भी लूट और चोरी जैसी घटनाओं को लेकर चिंता जताता रहा है। इस घटना ने एक बार फिर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खासतौर पर उन कारोबारियों के लिए जोखिम बढ़ जाता है, जिनके पास दिनभर के कारोबार के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मौजूद रहती है। पुलिस के सामने अब चुनौती सिर्फ इस वारदात को सुलझाने की नहीं, बल्कि यह भरोसा कायम करने की भी है कि शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में अपराधियों पर प्रभावी नजर रखी जा रही है।
पुलिस की जांच कई एंगल पर
पुलिस मामले को सिर्फ सामान्य लूट की घटना मानकर नहीं चल रही होगी। आरोपियों की संख्या, उनके वाहन, घटनास्थल तक पहुंचने का तरीका, वारदात के बाद की दिशा और CCTV रिकॉर्डिंग जैसे कई बिंदुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके अलावा पुलिस आसपास के संदिग्ध लोगों और पहले इस तरह की वारदातों में शामिल रहे अपराधियों की गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। अगर आरोपियों ने किसी वाहन का इस्तेमाल किया है तो उसके नंबर या रूट के आधार पर भी पुलिस आगे बढ़ सकती है।
जल्द खुल सकता है वारदात का राज
करीब 10 लाख रुपये की लूट होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए भी गंभीर है। जांच एजेंसियां अगर CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और तकनीकी जांच से आरोपियों की पहचान करने में सफल रहती हैं तो वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा लूटी गई रकम की बरामदगी का इंतजार है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह भी स्पष्ट होगा कि लूट की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई थी और आरोपियों को कारोबारी के पास मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली।
नोट: भाटिया इलेक्ट्रिक स्टोर्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कंपनी वर्ष 1955 से कारोबार कर रही है और जालंधर में इसके प्रतिष्ठान हैं।