दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर
बढ़ती लागत के बीच डेयरी फार्मर्स ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है। शुक्रवार को हुई आपात बैठक में तय किया गया कि 1 अक्टूबर से दूध के रेट में 5 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं 28 सितंबर से फैट डेयरियों को दूध की सप्लाई पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। किसानों का कहना है कि पशु आहार, चारा, दवाइयों और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि मौजूदा दूध के रेट में उत्पादन खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
शहर में दूध की सप्लाई पर नहीं पड़ेगा असर
डेयरी फार्मर्स के अनुसार शहर में लोकल अड्डों पर दूध के रेट किसानों की मांग के मुताबिक बढ़ाए जा चुके हैं। इसलिए शहर में दूध की नियमित सप्लाई जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को दूध की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बाइक दूधियों के रेट में भी 5 रुपये की बढ़ोतरी
बैठक में डेयरी से ताजा दूध लेकर घरों तक पहुंचाने वाले बाइक दूधियों के रेट में भी 5 रुपये प्रति यूनिट बढ़ोतरी का फैसला किया गया है। दूधियों ने भी इस बढ़ोतरी पर सहमति जताई है। उनका कहना है कि इससे उनकी सप्लाई व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
फैट डेयरियों को 28 सितंबर से दूध नहीं देंगे किसान
डेयरी संचालकों ने स्पष्ट किया कि 28 सितंबर से फैट डेयरियों को दूध देना बंद कर दिया जाएगा। किसानों का तर्क है कि इन डेयरियों में मौजूदा रेट पर दूध देने से उन्हें उत्पादन लागत के मुकाबले उचित भुगतान नहीं मिल रहा। इसी वजह से सप्लाई रोकने का सामूहिक फैसला लिया गया है।
मिलावटी दूध-पनीर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बैठक में डेयरी फार्मर्स ने बाजार में मिलावटी दूध, पनीर, दही, देसी घी, खोया और मक्खन की बिक्री पर भी चिंता जताई। यूनियन ने प्रशासन और सेहत विभाग से नियमित सैंपलिंग करवाकर मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
राधे श्याम डेयरी को लेकर विभाग की कार्रवाई पर सवाल
डेयरी एसोसिएशन के नेता मनप्रीत मंगू ने राधे श्याम डेयरी पर सेहत विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डेयरी पर कई बार छापेमारी और सैंपलिंग के बावजूद बाद में उसे क्लीन चिट मिल जाती है। मंगू के अनुसार एसोसिएशन ने प्रशासन को एक स्टिंग वीडियो भी सौंपा है, जिसमें उनके दावे के मुताबिक दूध में पानी मिलाया जाना दिखाई देता है।
‘इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई तो विजिलेंस जांच की मांग करेंगे’
मनप्रीत मंगू ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी एक डेयरी तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि दूध और उससे बनने वाले अन्य उत्पादों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी राधे श्याम डेयरी के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एसोसिएशन पूरे मामले की उच्चस्तरीय विजिलेंस जांच की मांग करेगी।
बैठक में मनजीत सिंह, अमनदीप सिंह, हरदीप कहलोन, साहिब चहल, मनप्रीत सिंह, संजय कपूर, झोड़ा बाजवा, सहज बाजवा, कुलबीर, आनंद, गोर्रा, भिंडर, रवि, रिक्की मुल्तानी, सन्नी, दीप, पप्पू, अभी, अजय कैंट, केमी चीमा, मोनू कल्याण, मक्खन डेयरी, करण चोपड़ा, संजीव कुमार, अंकुश गाबा, गगनदीप और गौतम जैन समेत अन्य डेयरी संचालक व किसान मौजूद रहे।