दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग उठाई।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने और मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित न होने देने की मांग की।
विधानसभा चुनाव तक एसआईआर रोकने की मांग
राजा वड़िंग ने पंजाब में विधानसभा चुनाव तक एसआईआर प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव मौजूदा मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाएं और बिना उचित प्रक्रिया के किसी मतदाता का नाम न हटाया जाए। वड़िंग ने नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी मुद्दा बनाया।
पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को लेकर चिंता
कांग्रेस का कहना है कि नए मतदाताओं के पंजीकरण में दस्तावेज और प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। पार्टी ने आशंका जताई कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव से पहले पर्याप्त जांच और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि यह आंदोलन चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों और मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों को लेकर है। चंडीगढ़ में इससे पहले यूथ कांग्रेस भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को सार्वजनिक करने की मांग उठा चुकी है।
कांग्रेस ने रखी कई मांगें
पंजाब कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, एसआईआर को विधानसभा चुनाव तक रोकना, मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना शामिल रहा। पार्टी ने कहा कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।