दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया। पिछले नौ दिनों के भीतर यह तीसरी बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना बड़ी वजह
जानकारों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल सप्लाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। खासतौर पर ईरान से जुड़े हालात और समुद्री मार्गों पर संकट की आशंका ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर दिखाई दे रहा है।
महानगरों में बदले नए रेट
नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल महंगे हो गए हैं। तेल कंपनियां रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार और टैक्स स्ट्रक्चर को देखते हुए दाम तय करती हैं, इसलिए आने वाले दिनों में भी कीमतों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
ट्रांसपोर्ट और जरूरी सामान भी हो सकते हैं महंगे
डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। ट्रक ऑपरेटरों और परिवहन संगठनों ने संकेत दिए हैं कि अगर ईंधन महंगा होता रहा तो माल भाड़ा बढ़ाया जा सकता है। इसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं, सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
तेल कंपनियों ने सप्लाई को लेकर दिया भरोसा
मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कंपनियों का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य तरीके से जारी रहेगी, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।