अब गर्भवती पत्नी को छोड़ दूसरी महिला संग लिव-इन में
दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर
जालंधर में धर्म छिपाकर और खुद को कुंवारा बताकर युवती की जिंदगी बर्बाद करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक ने खुद को हिंदू बताकर एक हिंदू सिंगर को अपने प्रेमजाल में फंसाया और करीब चार साल पहले उससे शादी रचा ली। इस धोखाधड़ी का खौफनाक खुलासा तब हुआ जब पीड़िता 6 महीने की गर्भवती है और उसका 18 महीने का एक बच्चा भी है। अब आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी को बेसहारा छोड़ हिमाचल की एक अन्य महिला के साथ लिव-इन में रह रहा है।
बाजू काटकर बनाया शादी का दबाव, निकाह के वक्त खुला राज
पीड़िता रमनप्रीत ने बताया कि वह शादियों में गीत गाने का काम करती है और करीब 4 साल पहले फेसबुक के जरिए उसकी मुलाकात इशरत अली से हुई थी, जो कव्वाली गाता है। इशरत ने अपनी असल पहचान छिपाकर खुद को हिंदू और कुंवारा बताया था। उसने प्यार का ढोंग रचाया और अपनी बाजू काटकर रमनप्रीत पर शादी करने का दबाव बनाया। जब बारात दरवाजे पर पहुंची और उसने निकाह करने की जिद की, तब जाकर रमनप्रीत को पहली बार पता चला कि वह मुस्लिम है। शादी के मात्र 6 महीने बाद उसे यह भी पता चला कि इशरत अली पहले ही 5 शादियां कर चुका है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी का काम करने का तरीका बेहद शातिर है; वह केवल हिंदू लड़कियों को ही निशाना बनाता है और उनसे बच्चे पैदा करने के बाद उन्हें तलाक देकर बेसहारा छोड़ देता है।
गर्भवती पत्नी को कोख में पल रहे बच्चे सहित जान से मारने की धमकी
रमनप्रीत वर्तमान में 6 महीने की गर्भवती है और उसका 18 महीने का एक बेटा भी है, लेकिन इस हालत में भी आरोपी ने उसे अकेला छोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार, इशरत अब मलेरकोटला में अपना ठिकाना बनाकर रह रहा है और वहां उसने हिमाचल के मंडी की दो बच्चों की मां को अपने जाल में फंसा लिया है, जिसके साथ वह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। आरोपी अब रमनप्रीत पर 5 लाख रुपये लेकर तलाक देने का दबाव बना रहा है। उसने खौफनाक धमकी दी है कि अगर उसने तलाक नहीं दिया, तो वह उसे, उसके 18 महीने के बेटे और कोख में पल रहे बच्चे को खत्म कर देगा।
ससुराल पक्ष पर भी आरोप, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पीड़िता का आरोप है कि इस पूरी साजिश और धोखाधड़ी में इशरत अली का परिवार—उसके माता-पिता, भाई और बहन भी पूरी तरह शामिल हैं। रमनप्रीत ने बताया कि उसने 10 अक्टूबर 2025 को ही गोरायां थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उसका आरोप है कि आरोपी पुलिस को पैसे देकर कार्रवाई रुकवा देता है। इस मामले में गोरायां थाने के मुंशी ने बताया कि महिला थाने की रिपोर्ट मिलने के बाद 22 मार्च को आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया गया है, हालांकि एसएचओ सुखविंदर पाल ने कहा कि फिलहाल उनके पास मामले की पूरी जानकारी नहीं है। पीड़िता ने अब प्रशासन से इंसाफ और अपनी व अपने बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई है।