दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
नई दिल्ली। Reserve Bank of India ने लोन रिकवरी को लेकर नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन या टैबलेट की EMI नहीं भरने वाले ग्राहकों के डिवाइस की कुछ सुविधाएं बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, यह कार्रवाई केवल उन्हीं मोबाइल डिवाइस पर लागू होगी जिन्हें लोन लेकर खरीदा गया हो।
90 दिन तक बकाया रहने पर ही होगी कार्रवाई
RBI के प्रस्ताव के मुताबिक किसी भी ग्राहक का लोन 90 दिन तक ओवरड्यू रहने के बाद ही बैंक या फाइनेंस कंपनी डिवाइस पर रोक लगा सकेगी। इससे पहले ग्राहक को नोटिस भेजना जरूरी होगा। पहले 60 दिन बाद चेतावनी दी जाएगी और भुगतान के लिए समय दिया जाएगा, इसके बाद अंतिम नोटिस जारी होगा।
जरूरी सुविधाएं बंद नहीं कर सकेंगे बैंक
ड्राफ्ट नियमों में साफ कहा गया है कि बैंक पूरी तरह मोबाइल बंद नहीं कर पाएंगे। इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल, इमरजेंसी SOS फीचर और सरकारी अलर्ट जैसी जरूरी सेवाएं चालू रखनी होंगी ताकि ग्राहक की सुरक्षा और जरूरी संपर्क प्रभावित न हों।
लोन चुकाते ही तुरंत हटानी होगी रोक
अगर ग्राहक बकाया EMI जमा कर देता है तो बैंक या फाइनेंस कंपनी को एक घंटे के भीतर मोबाइल पर लगी रोक हटानी होगी। ऐसा नहीं करने पर प्रति घंटे 250 रुपये तक मुआवजा देना पड़ सकता है।
ग्राहकों का निजी डेटा रहेगा सुरक्षित
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में बैंक ग्राहक के फोन में मौजूद निजी डेटा तक पहुंच नहीं बना सकेंगे। डिवाइस लॉकिंग सिस्टम केवल लोन रिकवरी तक सीमित रहेगा।
रिकवरी एजेंट्स पर भी सख्ती की तैयारी
नए ड्राफ्ट में रिकवरी एजेंट्स के व्यवहार को लेकर भी कड़े नियम प्रस्तावित किए गए हैं। अभद्र भाषा, सोशल मीडिया पर बदनाम करना या लगातार परेशान करने वाले कॉल और मैसेज भेजने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है।