दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
राजस्थान की राजधानी जयपुर के खो-नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में SHO सहित 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। हादसे में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

झुलसा युवक मदद की गुहार लगाता रहा
घटना का एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें बुरी तरह झुलसा युवक लोगों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाते हुए कह रहा है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिला तो वह मर जाएगा। वीडियो ने हादसे की भयावहता और राहत कार्यों में हुई देरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अवैध फैक्ट्री पर पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिहायशी इलाके में लंबे समय से अवैध रूप से पटाखे बनाने और बारूद का भंडारण करने का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
SHO समेत 9 पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित थाना क्षेत्र के SHO सहित 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आलीशान मकान में चल रहा था अवैध कारोबार
जांच में पता चला है कि जिस मकान में अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, वह याकूब और उसके भाई कय्यूम का बताया जा रहा है। दोनों का क्षेत्र में एक आलीशान दो-मंजिला मकान भी है, जिसकी जांच की जा रही है।
कई फैक्ट्रियां और गोदाम सील
हादसे के बाद प्रशासन ने इलाके में अभियान चलाकर कई अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापेमारी की। अब तक कई स्थानों को सील किया जा चुका है और भारी मात्रा में अवैध बारूद जब्त किया गया है।

मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध और खतरनाक कारोबारों पर प्रशासनिक निगरानी की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।