दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
रोजगार की तलाश में विदेश गए गुरदासपुर के पुराना शाला निवासी 35 वर्षीय भूपिंदर सिंह के लेबनान से वतन वापसी के दौरान दुबई एयरपोर्ट से अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। सात घंटे के लेओवर (स्टॉपओवर) के दौरान भूपिंदर का परिजनों से संपर्क टूट गया, जिसके बाद से उनका परिवार किसी अनहोनी की आशंका से गहरा सदमे में है और केंद्र सरकार से तुरंत मदद की मांग कर रहा है।
हादसे में टूटा था पैर, कंपनी पर बिना देखभाल के वापस भेजने का आरोप
परिवार के सदस्यों ने बताया कि भूपिंदर सिंह लगभग 12 साल पहले रोजी-रोटी कमाने के सिलसिले में लेबनान गए थे। वहां काम के दौरान हुए एक हादसे में उनका पैर टूट गया था, जिससे उन्हें चलने-फिरने में काफी असमर्थता हो रही थी। परिजनों का कहना है कि शारीरिक रूप से लाचार होने के साथ-साथ भूपिंदर मानसिक रूप से भी परेशान चल रहे थे।
लापता भूपिंदर की बहन मंदीप कौर ने आरोप लगाया कि लेबनान स्थित संबंधित कंपनी ने उनके भाई का समुचित इलाज या देखभाल कराने के बजाय उन्हें लाचार हालत में व्हीलचेयर पर बैठाकर ही भारत की फ्लाइट में चढ़ा दिया।
आखिरी कॉल में कहा— ‘पासपोर्ट खो गया है’, फिर बंद हुआ फोन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूपिंदर 6 अगस्त की रात करीब 11 बजे लेबनान से भारत के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान दुबई एयरपोर्ट पर करीब सात घंटे का कनेक्टिंग ठहराव था। इस दौरान भूपिंदर ने अपने परिवार से फोन पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उन्होंने घबराते हुए बताया कि उनका पासपोर्ट कहीं गिर या खो गया है। इस बातचीत के तुरंत बाद उनका फोन कट गया और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
दिल्ली पहुंचा सामान, युवक का सुराग नहीं
मामला तब और रहस्यमयी हो गया जब दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर सूचना दी कि भूपिंदर का सामान और बैग तो दिल्ली पहुंच चुका है, लेकिन वे खुद फ्लाइट में मौजूद नहीं थे।
बेटे के इस तरह अचानक लापता हो जाने से बूढ़े माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने भारत सरकार, केंद्रीय विदेश मंत्रालय, दुबई दूतावास और दिल्ली व दुबई एयरपोर्ट अथॉरिटी से गुहार लगाई है कि भूपिंदर का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जाए।