दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में बिजली व्यवस्था पर एक बार फिर दबाव बढ़ गया है। राज्य में पैदा हुई आपात बिजली स्थिति के बीच पावरकॉम ने औद्योगिक फीडरों पर बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करने का फैसला लिया है। मंगलवार रात 7 बजे से लेकर करीब 11:30 बजे अथवा आधी रात तक इंडस्ट्री फीडरों पर बिजली कटौती किए जाने की सूचना जारी की गई है। इससे औद्योगिक इकाइयों को कई घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।
पावरकॉम की ओर से औद्योगिक इकाइयों और संबंधित सदस्यों को भेजे गए संदेश में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी इंडस्ट्री यूनिट अपनी बिजली खपत को कुल लोड के 10 प्रतिशत से कम रखने का प्रयास करें। यदि फीडर का लोड इस सीमा के भीतर रहता है तो बेसिक लाइटिंग जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए बिजली आपूर्ति चालू रखी जा सकती है।
10 प्रतिशत से ज्यादा लोड हुआ तो फीडर बंद
पावरकॉम ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित इंडस्ट्री फीडर का लोड 10 प्रतिशत से ऊपर चला जाता है तो सबस्टेशन से उस फीडर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ सकती है। ऐसे में केवल औद्योगिक इकाइयां ही नहीं, बल्कि उसी फीडर से जुड़े रिहायशी इलाकों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की संभावना रहेगी।
विभाग की कोशिश है कि औद्योगिक उपभोक्ताओं की खपत को न्यूनतम स्तर पर रखकर बिजली सिस्टम पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव को कम किया जाए। इसके साथ ही उन फीडरों से जुड़े घरेलू उपभोक्ताओं को भी अनावश्यक बिजली कटौती से बचाया जा सके।
इंडस्ट्री को तत्काल सहयोग के निर्देश
औद्योगिक इकाइयों से अपील की गई है कि कटौती के निर्धारित समय के दौरान बिजली की खपत को नियंत्रित रखें। यदि सभी यूनिट निर्धारित सीमा के अंदर लोड बनाए रखती हैं तो फीडर पर आवश्यक बिजली आपूर्ति जारी रखने में मदद मिल सकती है।
वहीं, यदि किसी फीडर पर खपत अचानक बढ़ती है और लोड 10 प्रतिशत की सीमा पार कर जाता है तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सबस्टेशन से सीधे सप्लाई बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती है।
रात 7 बजे से आधी रात तक असर
जारी सूचना के अनुसार मंगलवार शाम 7 बजे से लेकर रात करीब 11:30 बजे अथवा आधी रात तक बिजली व्यवस्था पर विशेष दबाव रहने की संभावना है। इस अवधि में इंडस्ट्री फीडरों को लेकर लोड मैनेजमेंट किया जाएगा। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से उत्पादन और अन्य औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पावरकॉम की ओर से जारी संदेश में मौजूदा हालात को राज्य में पैदा हुई आपात बिजली स्थिति बताया गया है। विभाग ने सभी औद्योगिक इकाइयों से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि सामूहिक रूप से बिजली खपत कम रखने से ग्रिड को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बढ़ती मांग के बीच सिस्टम पर दबाव
बिजली की मांग बढ़ने के साथ पावर सिस्टम पर लोड बढ़ना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। औद्योगिक गतिविधियों के साथ घरेलू बिजली खपत बढ़ने से कई फीडरों पर क्षमता से अधिक दबाव बनने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में पावरकॉम को सप्लाई मैनेजमेंट के लिए औद्योगिक फीडरों पर कटौती का सहारा लेना पड़ रहा है।
फिलहाल मंगलवार रात की प्रस्तावित कटौती को भी बिजली व्यवस्था के इसी आपात प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है। अब यह देखना होगा कि इंडस्ट्री फीडरों पर वास्तविक लोड कितना रहता है और 10 प्रतिशत की सीमा के भीतर खपत बनाए रखने में कितनी सफलता मिलती है।
पावरकॉम ने स्पष्ट किया है कि बिजली व्यवस्था को स्थिर रखने के लिए सभी संबंधित औद्योगिक उपभोक्ताओं का सहयोग जरूरी है। निर्धारित समय के दौरान कम से कम बिजली खपत रखने से न केवल इंडस्ट्री फीडरों पर दबाव कम होगा, बल्कि इन फीडरों से जुड़े रिहायशी इलाकों में बिजली आपूर्ति बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।