दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
चंडीगढ़/मोहाली। पंजाब के विभिन्न जिलों से जुड़े 32 किसान संगठनों के आज चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना के बीच मोहाली और चंडीगढ़ में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह राजेवाल की अगुवाई में किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में मोर्चा लगाने की तैयारी में हैं। किसानों के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए मोहाली पुलिस ने कई प्रमुख सड़कों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
सेक्टर-48 में सात दिन तक डेरा डालने की तैयारी
किसान संगठनों की योजना चंडीगढ़ के सेक्टर-48 में लगातार सात दिनों तक धरना देने की है। इसके लिए पंजाब के अलग-अलग जिलों और गांवों से किसान जत्थों के रूप में चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। संगठनों की ओर से धरने के दौरान रहने, भोजन, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर पहले से तैयारियां किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचने की संभावना
किसानों के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अलावा बसों, निजी वाहनों और मोटरसाइकिलों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। अलग-अलग इलाकों से आने वाले किसान मोहाली के रास्ते चंडीगढ़ की ओर बढ़ सकते हैं। वाहनों की संभावित संख्या को देखते हुए पुलिस ने आम वाहन चालकों को पहले से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
IISER चौक से Bestech Mall तक रास्ता रहेगा बंद
मोहाली पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक किसान धरने के कारण IISER चौक से Bestech Mall, फेज-11, मोहाली होते हुए जगतपुरा से चंडीगढ़ जाने वाली सड़क को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद रखा जाएगा। पुलिस ने लोगों से इस मार्ग पर जाने से बचने और अपनी यात्रा के लिए दूसरे रास्तों का चुनाव करने की अपील की है।
चंडीगढ़ जाने वालों के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक को सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस ने चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रूट भी बताए हैं। एक मार्ग IISER चौक से लांडा रोड, सेक्टर-82/83 रोड और जगतपुरा की तरफ से चंडीगढ़ जाने का है। इसके अलावा वाहन चालक एयरपोर्ट रोड, आईटी सिटी/एयरसिटी और अन्य उपलब्ध रास्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
फेज-9 और सेक्टर-66/68 से जाने की भी सलाह
एक अन्य विकल्प के तौर पर IISER चौक से फेज-9 रोड, सेक्टर-66/68 और जगतपुरा होते हुए चंडीगढ़ की ओर जाने का सुझाव दिया गया है। पुलिस का उद्देश्य यह है कि मुख्य मार्ग पर किसान वाहनों के कारण यातायात का दबाव बढ़ने पर आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। एडवाइजरी के जरिए लोगों को यात्रा से पहले अपना रूट तय करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की नजर किसान जत्थों की आवाजाही पर
किसानों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मोहाली से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले प्रमुख रास्तों पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा सकती है। आंदोलन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धरने को लेकर किसान संगठनों ने कसी कमर
सात दिवसीय कार्यक्रम को देखते हुए किसान नेताओं ने अपने-अपने संगठनों के कार्यकर्ताओं को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। दूर-दराज के जिलों से आने वाले किसानों के लिए भोजन और पानी समेत दूसरी जरूरतों का इंतजाम करने की तैयारी है। किसान नेताओं की बैठकों में मोर्चे को व्यवस्थित तरीके से चलाने और अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
आम लोगों से पुलिस की अपील
मोहाली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आंदोलन के दौरान बंद किए गए मार्गों पर वाहन लेकर जाने से बचें। विशेष रूप से चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। पुलिस के अनुसार ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर मार्गों में बदलाव भी किया जा सकता है, इसलिए वाहन चालकों को मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
किसान आंदोलन से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर असर की आशंका
किसानों के संभावित जमावड़े का असर मोहाली और चंडीगढ़ की सीमा से जुड़े मार्गों पर पड़ सकता है। खासकर पीक ऑवर में वाहनों का दबाव बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में जरूरी यात्रा करने वाले लोगों के लिए समय से घर से निकलना और वैकल्पिक मार्ग चुनना महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता यातायात को व्यवस्थित रखने और किसानों के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है।