दोआबा न्यूजलाइन। सतपाल शर्मा
नई दिल्ली: देश में बढ़ते आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नए फैसले के बाद अब गोल्ड और सिल्वर खरीदना आम लोगों के लिए महंगा पड़ सकता है।
आधी रात से लागू हुआ नया नियम
सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 13 मई 2026 की आधी रात से सोने और चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई है। इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी और अन्य उपकर शामिल हैं।
बाजार में बढ़ सकती हैं कीमतें
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई देगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम करीब 2000 रुपये तक की तेजी आ सकती है, जबकि चांदी भी महंगी हो सकती है।
ईरान युद्ध का पड़ा असर
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। भारत को महंगे दामों पर तेल और गैस खरीदनी पड़ रही है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है।
पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत हो सकेगी और गैर-जरूरी आयात कम होंगे।
ज्वेलरी इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा असर
ड्यूटी बढ़ने के बाद ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी कंपनियों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगे आयात के कारण ज्वेलरी सेक्टर की बिक्री प्रभावित हो सकती है और कई कंपनियों के शेयरों पर भी असर देखने को मिल सकता है।
भारत की जरूरत का ज्यादातर सोना विदेश से आता है
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है। देश में हर साल सैकड़ों टन सोने की मांग रहती है, जबकि घरेलू उत्पादन बेहद कम है। यही वजह है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी सोना विदेशों से आयात करता है।
2024 में घटाई गई थी ड्यूटी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2024 के बजट में सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 फीसदी कर दी थी। इसके बाद देश में सोने के आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली थी। अब दोबारा ड्यूटी बढ़ाकर सरकार आयात पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है।