दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हुई एक ट्रेन शनिवार को बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। सफर के दौरान ट्रेन के डिब्बों को जोड़ने वाली कपलिंग अचानक खुल गई, जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। घटना के समय ट्रेन में करीब 1200 यात्री सवार थे। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार अधिक नहीं थी, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
अचानक झटका लगते ही मची अफरा-तफरी
यात्रियों के अनुसार सफर सामान्य रूप से चल रहा था कि तभी जोरदार झटका महसूस हुआ। कुछ ही देर में पता चला कि ट्रेन के कई डिब्बे इंजन वाले हिस्से से अलग हो गए हैं। यह जानकारी मिलते ही यात्रियों में घबराहट फैल गई और लोग अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे।
लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
घटना का पता चलते ही लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन को नियंत्रित कर रोक दिया। रेलवे कर्मचारियों ने भी तुरंत मोर्चा संभाल लिया और यात्रियों को शांत रहने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते ट्रेन रोक लेने से किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई।
रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने ट्रेन के दोनों हिस्सों की जांच की और खराबी दूर करने का काम शुरू किया। कई घंटों की मेहनत के बाद डिब्बों को दोबारा सुरक्षित तरीके से जोड़ा गया।
सभी यात्री सुरक्षित, जांच के आदेश
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी सामने आ रही है, लेकिन वास्तविक कारण जानने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
तेज रफ्तार होती तो हो सकता था बड़ा नुकसान
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यदि यह घटना ट्रेन की तेज गति के दौरान होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि समय रहते खराबी का पता चल गया और सभी यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।