दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
रावी नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ने के कारण मकोड़ा पत्तन पर चलने वाली कश्ती सेवा को फिलहाल बंद कर दिया गया है। नदी में तेज बहाव को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
नदी पार करने का रास्ता बंद
मकोड़ा पत्तन से कश्ती सेवा बंद होने के बाद रावी के पार बसे कई गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस सेवा के जरिए नदी पार कर जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। सेवा रुकने से ग्रामीणों को अब वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
तेज बहाव बना खतरा
रावी में पानी बढ़ने के साथ नदी का बहाव भी तेज हो गया है। ऐसे हालात में कश्ती चलाना जोखिम भरा माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के किनारे जाने और पानी के तेज बहाव में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति में बढ़ सकती है परेशानी
कश्ती सेवा बंद होने से ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता मरीजों और अन्य आपात जरूरतों को लेकर है। अचानक किसी व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर नदी पार करना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आपातकालीन स्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
जलस्तर पर नजर
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। पानी कम होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही कश्ती सेवा दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नदी के बढ़े हुए पानी के बीच जोखिम न उठाएं।